संस्था-परिचय

बड़ाैत नगर प्रारंभ से ही जैन बाहुल्य नगर रहा है तथा जैन समाज के प्रबुध नागरिको की प्रारंभ से ही समाज सेवा एवं बच्चो के उत्थान एवं विकास के लिए शिक्षण संस्थायें स्थापित करने की इच्छा रही थी। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए दिगम्बर जैन समाज की पंचायत द्वारा वर्ष 1905 में नगर के बीच की एक भूमि जिला परिषद मेरठ को प्राइमरी स्कूल चलाने हेतु दी थी। परन्तु समाज के बच्चो का उचित शेक्षिक विकास न होते देख दिगम्बर जैन छोटा मन्दिर में प्रतिदिन मध्याहन की शास्त्र सभा करने वाले समाजसेवी सर्वश्री घनश्याम दास जैन, लाला जगजोत सिंह जैन, लाला गंगाराम जैन , लाला हरध्यान सिंह जैन, लाला घासीराम जैन सर्राफ, लाला मनोहरलाल जैन सर्राफ, लाला कबूल सिंह, लाला मंगल सैन जैन, लाला तुलसीराम, लाला होशियार सिंह इत्यादि महानुभावो ने शास्त्र सभा के बीच में ही एक निर्णय लिया कि हमारी दिगम्बर जैन समाज की ओर से अलग से हाईस्कूल तक की शिक्षा के लिए एक जैन शिक्षण संस्था की स्थापना की जाये। उसी स्थान पर इन्ही समाजसेवी महानुभावों द्वारा प्रारंभिक रूप में अपनी भूमि एवं धन जैन शिक्षण संस्था की स्थापना हेतु उपलब्ध कराया।

इन महानुभावों द्वारा देखा गया यह स्वप्न शीघ्र ही साकार हुआ और सन 1916 में एक जैन प्राइमरी पाठशाला के रूप में इस संस्था की स्थापना हुई। जुलाई 1921 में संस्था को यू० पी० बोर्ड द्वारा हाईस्कूल की मान्यता मिली तथा सन 1923 में प्रथम बार 17 छात्रो का बैच हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हुआ। सन 1940 में संस्था को यू० पी० बोर्ड से इन्टरमीडिएट की मान्यता मिली। तब से लेकर आज तक अपने 100 वर्षो की इस यात्रा में इस संस्था ने निरन्तर प्रगति की है तथा इस संस्था से शिक्षा प्राप्त कर अनेको प्रतिभावान छात्र-छात्राएं देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का परिचय देकर संस्था एवं देश को गौरवान्वित कर रहे हैं।

2 जून 2004 में संस्था को जैन अल्पसंख्यक – शिक्षण संस्था का दर्जा प्राप्त हुआ। यह संस्था के लिए गौरव की बात है।

माध्यमिक स्तर पर दिगम्बर जैन इण्टर कालिज का पश्चिमी उ० प्र० की शिक्षण संस्थाओं मे एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। संस्था का परीक्षाफल इस तथ्य को सदैव प्रमाणित करता रहा है।

विद्यालय परिवार

वर्तमान में संस्था में 45 शिक्षक-शिक्षिकाए कार्यरत हैं जिसमें प्रधानाचार्य सहित 20 प्रवक्ता तथा 25 स० अ० हैं। इसके अतिरिक्त – सह कर्मचारियों में 2 लिपिक एवं 6 च० श्रे० कर्मचारी निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।

छात्र-छात्राएं

वर्तमान में संस्था में लगभग 2300 छात्र-छात्राएं – शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं जिसमे 775 छात्राएं हैं।

Class In Digambar Jain Inter Colleg Baraut

भवन

संस्था में 20 गुना 25 स्क्वायर फीट के आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कक्षा कक्ष हैं। इसके अतिरिक्त क्रीड़ा कक्ष, एन.सी.सी. कक्ष, स्काउट कक्ष, अध्यापक कक्ष, सभागार, कम्प्यूटर कक्ष तथा विशाल कला भवन है।

प्रयोगशाला

संस्था में भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला, जीव विज्ञान प्रयोगशाला, भूगोल प्रयोगशाला एवं व्यावसायिक वाणिज्य की आधुनिक प्रयोगशालाए हैं।

प्रांगण

संस्था में लगभग 70,000 स्कवायर फीट का विशाल प्रांगण है। जिसमें दैनिक प्राथना, शारारिक व्यायाम, वार्षिक, क्षेत्रीय, जनपदीय, मण्डलीय, राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताए, स्थापना दिवस समारोह, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस समारोह एवं अन्य कार्यक्रमो का आयोजन समय-समय पर किया जाता है। इसी विशाल प्रांगण में लगभग 35 फीट उँची भव्य पाण्डुक शिला निर्मित है। जहां प्रतिवर्ष बड़ाैत के रथयात्रा महोत्सव मेले का आयोजन एवं जलयात्रा का समापन होता है। पाण्डुक शिला पर 1008 इन्द्रो द्वारा कलशो से श्रीजी की प्रतिमा का जलाभिषेक किया जाता है। जो स्वयं में दिव्य अनुभूति का अहसास कराता है।

Digambar Jain Inter College Ground

पार्क

विद्यालय के मुख्य भवन के प्रष्ट भाग में एक छोटा पार्क है जिसमें संस्था की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर स्मृति के रूप में 21 फीट उँचा एक शताब्दी स्तम्भ निर्मित कराया गया है। जो भावी पीढी को अपने पूर्वजो द्वारा उनके भविष्य के लिए किये गये योगदान की सुखद अनुभूति कराता है।
इसी पार्क में प्राचीन समय से ही 3 साधुओं के समाधि स्थल हैं। विद्यालय के सम्पूर्ण स्टॉफ एवं छात्रो में इस स्थान के प्रति गहरी आस्था है। प्रतिवर्ष दीपावली पर यहां एक यज्ञ एवं भण्डारे का आयोजन किया जाता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

विद्यालय में समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता है। जिसमें व्यक्तित्व विकास सम्बन्धी कार्यक्रम, शिक्षक दिवस, बाल दिवस, भारत को जानो प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, आर्ट एंड क्राफ्ट प्रतियोगिता , मेंहदी प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, निबन्ध एवं सुलेख प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता इत्यादि का आयोजन प्रतिवर्ष कराया जाता है।

छात्र-वृति एवं पुरस्कार

विद्यालय के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उनके वार्षिक परीक्षाफल तथा अन्य कार्यो में प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार प्रदान करने के साथ-साथ विद्यालय के पुरातन छात्रो श्री लखमीचन्द जैन सर्राफ तथा श्री विनय जैन (अमेरिका) द्वारा छात्रवृती के रूप में नकद धनराशि भी प्रदान की जाती है।

एन.सी.सी.

Baraut के इस विद्यालय में एन.सी.सी की दो यूनिट हैं। सीनियर डिवीजन और जूनियर डिवीजन।
सीनियर डिवीजन में कुल 54 कैडिटस हैं जिनमं 38 छात्र एवं 16 छात्राएं तथा जूनियर डिवीजन में कुल 100 कैडिटस हैं जिनमें 77 छात्र एवं 23 छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

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स्काउट एवं गाइड

विद्यालय में स्काउट एवं गाइड में 64 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। जिसमें 32 स्काउट एवं 32 गाइड सम्मिलित हैं।

खेलकूद

विद्यालय में खेलकूद में प्रत्येक छात्र एवं छात्रा की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। वर्ष 2004 में विद्यालय में कबड्डी एवं खो-खो की प्रादेशिक विद्यालयी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था। हर वर्ष क्षेत्रीय, तथा जनपदीय, प्रतियोगिताओ का आयोजन विद्यालय में होता रहता है जिसमें विद्यालय के अनेकों छात्र- छात्राएं स्थान प्राप्त करते हैं।